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इंश्योरेंस क्या होता है, यह कितने तरह का होता है ?

इंश्योरेंस क्या होता है यह कितने तरह का होता है.

दोस्तों आप लोगों ने लोगों के मुंह से कई बार सुना होगा, अपना घर ले लो, मकान ले लो या फ्लैट ले लो, या खाली जमीन खरीद लो या सोना ले लो, वह आपकी इन्वेस्टमेंट हो जाएगी/ जो कि आगे चलकर आपको बहुत ज्यादा काम आएगी. आज के समय में भी बहुत सारे लोग यही बातें बोलते हैं. लेकिन इन सब के अलावा आज के समय में एक चीज जरूर बदल गई है.और लोग इन सबसे पहले यह बात बोलते लगे है कि कुछ करो चाहे ना करो लेकिन इंश्योरेंस तो आपको पक्का करवाना ही चाहिए. पर यह इंश्योरेंस क्या होता है. यह बहुत से लोगों को नहीं पता है. इसलिए आज हम आपको इंश्योरेंस के बारे में अच्छे से बताएंगे.

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इंश्योरेंस का मतलब.

इंश्योरेंस का मतलब होता है. आने वाले खतरे से सुरक्षा करना, मतलब कि आने वाले खतरे से अपनी जिंदगी और घर से जुड़े हुए खतरे को कवर करने का एक जरिया इंश्योरेंस होता है. लेकिन इंश्योरेंस क्यों कराना चाहिए. यह कैसे काम करता है. इंश्योरेंस कितने प्रकार के होते हैं. यह पता होना बहुत जरूरी है. ताकि आप अपनी जरूरत के हिसाब से सही-सही इंश्योरेंस को चुन सकते हो. इसलिए आज हम आपको इन चोरों से जुड़ी हुई सभी जानकारियां देने वाले हैं. इसलिए इसे लास्ट तक पूरा जरूर पूरा पढ़िएगा.

इंश्योरेंस क्या होता है.

इंश्योरेंस एक लीगलइन एग्रीमेंट होता है. और यह दो पार्टी के बीच होता है. जिसमें इंश्योरेंस कंपनी होती है, और इंश्योरेंस करवाने वाला होता है. इस एग्रीमेंट के तहत जब कोई व्यक्ति इंश्योरेंस कंपनी से अपना इंश्योरेंस (यानी के बीमा) करवा लेता है. तो आगे आने वाले समय में उस व्यक्ति को होने वाले खतरे की भरपाई इंश्योरेंस कंपनी करती है. अब आपको पता लग ही गया होगा कि इंश्योरेंस क्या होता है. चलिए अब जानते हैं. इंश्योरेंस काम कैसे करता है.

इंश्योरेंस काम कैसे करता है.

इंश्योरेंस एग्रीमेंट के तहत इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा जिस व्यक्ति ने बीमा करवाया होता है. उस व्यक्ति से एक सीमित पैसा लिया जाता है. जिसको प्रीमियम बोला जाता है. प्रीमियम देने के बाद अगर उस इंश्योरेंस व्यक्ति को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचता है. तो इंश्योरेंस पॉलिसी की टर्म एंड कंडीशन के आधार पर उसके नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कंपनी करती है. इसी तरह अगर किसी व्यक्ति द्वारा अपनी प्रॉपर्टी या घर या कार का इंश्योरेंस करवाया गया हो, तो उस चीज के टूटने या डैमेज होने पर जैसी स्थिति में प्रीमियम के आधार पर पहले से निश्चित राशि के अनुसार मुआवजा दिया जाता है. अब आपको यह जाना भी जरूरी है कि आखिर इंश्योरेंस कितने तरीके का होता है. और कितने प्रकार का होता है. ज्यादातर इंश्योरेंस 2 तरीके का होता है.

लाइफ इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस. लेकिन आज के समय में बहुत से अलग-अलग प्रकार के इंश्योरेंस प्रचलित हो रहे हैं. जैसे कि ट्रैवल इंश्योरेंस. चलिए आपको भी इन सभी टाइप के इंश्योरेंस के बारे में बताते हैं.

लाइफ इंश्योरेंस क्या होता है.

इसके नाम से ही आपको पता लग गया होगा कि यह किसी भी व्यक्ति की जीवन को सुरक्षित बनाता है. यानी कि जो व्यक्ति अपना बीमार करवाता है. अगर उसकी अचानक मृत्यु हो जाती है. तो उसकी फैमिली को कंपनी कुछ मुआवजा देती है. इस लाइफ इंश्योरेंस की महत्वता तब ज्यादा बढ़ जाती है. जब घर के मुखिया की मृत्यु हो जाती हैं. और फैमिली की मुख्य आमदनी का स्रोत वही व्यक्ति होता है. इस स्थिति में उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसकी फैमिली को फाइनेंशली सपोर्ट मिल जाता है. इसलिए लाइफ इंश्योरेंस जरूर होना चाहिए. ताजो आपके ना होने पर भी आपकी फैमिली को कोई दुख का सामना ना करना पड़े.

जनरल इंश्योरेंस क्या होता है.

इस टाइप के इंश्योरेंस में होम इंश्योरेंस, व्हीकल इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, एनिमल इंश्योरेंस, सब आ जाते हैं.

होम इंश्योरेंस क्या होता है.

होम इंश्योरेंस की बात करें तो बहुत से लोग अपने घर का बीमा भी करवा लेते हैं. ऐसा करने से उनका घर सुरक्षित हो जाता है. अगर आगे आने वाले समय में उनके घर को किसी तरह से नुकसान पहुंचता है. तो इसकी भरपाई इंश्योरेंस कंपनी द्वारा की जाती है. इस तरह की इंश्योरेंस में आग लगने पर या भूकंप आने पर या बाढ़ बाढ़ आने जैसी समस्या पर किसी भी प्राकृतिक आपदाओं से घर को होने वाले नुकसान शामिल होते हैं. इसके अलावा हड़ताल, दंगे, चोरी और आतंकवाद जैसी आपदाओं के लिए इंश्योरेंस सुरक्षा प्रदान करता है.

हेल्थ इंश्योरेंस क्या होता है.

आज के समय में शरीरीक रोग काफी ज्यादा बढ़ गए हैं. या यह कहे कि लोग काफी ज्यादा बीमार पड़ने लगे हैं. इसलिए हेल्थ पर होने वाला खर्च भी काफी ज्यादा होता है. इसलिए अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं. तो कोई बीमारी लगने की परिस्थिति में इलाज का खर्चा इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दिया जाता है. इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा ट्रीटमेंट में कितना खर्चा देना है. यह आपके द्वारा ली गई पॉलिसी के प्रीमियम पर आधारित करता है. यहां पर यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा सिर्फ उन्हीं हॉस्पिटल में मिलता है. जो कि उस कंपनी से जुड़े होते हैं. इसके अलावा आजकल ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस भी हैं. जो आपकी पूरी फैमिली को इंश्योरेंस कवर दे सकती हैं. इसलिए ऐसी पॉलिसी करवा लेनी चाहिए.

मोटर या कार इंश्योरेंस क्या होता है.

हमारे देश में वहीकल का इंश्योरेंस करवाना तो जरूरी है. और ऐसा ना करने पर हमें जुर्माना देना पड़ता है. इस इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत आपके पास चाहे कार हो, चाहे बाइक हो, चाहे और कोई बड़ी गाड़ी हो, उसको होने वाले नुकसान का मुआवजा बीमा कंपनी द्वारा दिया जाता है. अगर आपके वहीकल से किसी व्यक्ति को चोट आ जाती हैं, या किसी व्यक्ति की अनजाने में मौत हो जाती हैं. तो इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा इस मामले को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के रूप में कवर किया जाता है. और उस व्यक्ति के इलाज का खर्चा उठाया जाता है. और उसकी मृत्यु की स्थिति में उसे मुआवजा भी दिया जाता है.

क्रॉप (Crop) इंश्योरेंस क्या होता है.

बहुत से किसान कृषि लोन लेते हैं. उनके लिए क्रॉप इंश्योरेंस लेना बहुत जरूरी होता है. इस इंश्योरेंस में क्रॉप यानी फसल को किसी भी प्रकार के होने वाले नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कंपनी द्वारा की जाती है.

बिजनेस लायबिलिटी इंश्योरेंस क्या होता है.

यह इंश्योरेंस किसी कंपनी के वर्क (काम करने की जगह) या उसके प्रोडक्ट से कस्टमर को होने वाले नुकसान की भरपाई करता है. यानी किसी कंपनी के कामकाज या उसके किसी प्रोडक्ट की वजह से अगर किसी ग्राहक को कोई हानि होती है. तो ऐसी स्थिति में कंपनी को लगने वाले जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का खर्चा उठाने की जिम्मेदारी इंश्योरेंस कंपनी की होती है. जो कि उस कंपनी का बिजनेस लायबिलिटी इंश्योरेंस करती है.

ट्रैवल इंश्योरेंस

आजकल ट्रैवल इंश्योरेंस भी बहुत ज्यादा विकसित हो रहा है. और यह इंश्योरेंस यात्रा करते समय होने वाले नुकसान की भरपाई करती हैं. मतलब कि अगर कोई व्यक्ति जिसने अपना ट्रैवल इंश्योरेंस करवा रखा है. वह काम के सिलसिले में या घूमने के परपस से विदेश जाता है. तो वहां पर उसे अगर चोट लग जाती हैं. या उसका सामान चोरी हो जाता है. तो इसका मुआवजा इंश्योरेंस कंपनी उस व्यक्ति को भुगतान करती हैं. इस पॉलिसी की टाइम लिमिट आपकी जर्नी शुरू होने से लेकर खत्म होने तक की ही होती है. इसके अलावा देश के अंदर भी की जाने वाली छोटी बड़ी यात्राओं के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस उपलब्ध होता है.

उम्मीद है दोस्तों आपको पता लग ही गया होगा कि इंश्योरेंस क्या होता है. और इसके फायदे क्या होते हैं. और यह मुश्किल समय में आपको कैसे फायदा पहुंचा सकती हैं. खासकर उस समय में जिसका आपको कुछ पता भी नहीं है. भगवान ना करे ऐसा किसी के साथ कुछ हो और लेकिन फिर भी अगर आपको अपनी फैमिली की सुरक्षा या अपने घर की सुरक्षा की चिंता रहती है. तो आपको इंश्योरेंस लेकर जरूर रखनी चाहिए. तो आपको इस पोस्ट के जरिए काफी सारी जानकारी मिल गई होगी. यह पोस्ट आपको कैसी लगी हमें कमेंट में लिखकर जरूर बताएं. और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर भी जरूर करें.

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