Sunday , July 25 2021

माइक्रो फाइनेंस क्या है | MFI in Hindi

माइक्रो फाइनेंस क्या है, Micro-Finance क्या है.

दोस्तों आप लोगों ने माइक्रोफाइनांस के बारे में बहुत सुना होगा. माइक्रोफाइनांस को 19 के दशक में शुरू किया गया था. माइक्रोफाइनांस मैं वैसे तो हमारे छोटे-छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए लोन दिया जाता है. इसकी शुरुआत नोबेल पुरस्कार मोहम्मद यूनिस द्वारा की गई थी. इसको भारत में विक्रम अबगुना और चंद्रशेखर गोश् जी द्वारा बढ़ाया गया था. तकरीबन 2000 के आसपास विक्रम जी ने SKS नाम की एक फाइनेंस कंपनी चालू की थी. उनका उद्देश्य यह था कि गांव में छोटे-छोटे कारोबार को लोन प्रदान करना.

क्योंकि बहुत से गांव ऐसे हैं. जहां पर बैंक लोन देने से कतराते हैं. और आप जानते ही होंगे कि पुराने समय में तकरीबन 2000 साल में बैंक गांव को लोन देने से बहुत डरते थे. क्योंकि उनको पता था कि रीपेमेंट हमारी नहीं आ पाएगी. इसके अलावा गांव वालों के पास उनके डॉक्यूमेंट पूरे नहीं होते थे. ताजो वह लोन के लिए अप्लाई कर सकें.

विक्रम जी द्वारा SKS फाइनेंस कंपनी चालू की गई. उन्होंने छोटे-छोटे अमाउंट में गांव के लोगों को कारोबार पर लोन देना शुरू कर दिया. यह लोन व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए ही दिया जाता है. गांव के लोगों को गाय, भैंस के लिए, सब्जी के लिए, पोल्ट्री फार्म के लिए, ज्यादातर लोन दिया जाता था. और ऐसे ही बहुत सारे कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए इस लोन की शुरुआत की गई थी.

लेकिन कुछ समय बाद SKS फाइनेंस का नाम बदलकर भारत फाइनेंस रख दिया गया. वहीं दूसरी ओर चंद्रशेखर घोष जी ने बंधन नाम से अपनी फाइनेंस कंपनी चालू की. ओर उन्होंने छोटे-छोटे कारोबार पर लोन देना शुरू कर दिया. और तब सही हमारे भारत में यह लोन लगातार चले आ रहे हैं. इसी की बदौलत आज गांव के लोग इतने शिक्षित हो चुके हैं और समझदार बन गए हैं कि वह कोई भी कारोबार आगे बढ़ाने के लिए इन कंपनियों से छोटे-छोटे लोन ले ही लेते हैं.

जिसके बाद वह अपने बिजनेस को आगे की ओर बढ़ाते हैं. इतना ही नहीं बल्कि अगर वह इस लोन को चुकाने में सक्षम रहते हैं. तो कंपनी उन्हें अगली बार ज्यादा लोन भी दे देती हैं. और यह माइक्रोफाइनांस हमारे देश की तरक्की के लिए एक बहुत ही बड़ा योगदान देता है. क्योंकि आज हमारे गांव में अगर कोई भी इंसान कारोबार कर रहा है. तो वह माइक्रोफाइनांस की वजह से है.

दोस्तों माइक्रोफाइनांस नाम सुनने में तो छोटा लगता है. लेकिन इतने छोटे-छोटे लोन देने और छोटे-छोटे कस्टमर डील करना बहुत ही मुश्किल होता है. लेकिन फिर भी जहां पर गांव वाले लोगों को इससे फायदा होता है. लेकिन वहीं इससे ज्यादा इन फाइनेंस कंपनियों को दुगना फायदा होता है. दोस्तों आज के समय में माइक्रोफाइनांस के क्षेत्र में बहुत सारी कंपनियां आ गई हैं. यहां तक की बैंकों ने भी माइक्रोफाइनांस लोन देने शुरू कर दिए हैं. आज के समय में हर कोई बैंक माइक्रोफाइनांस कर रहा है. आज के समय में हर एक बैंक गांव में जाकर छोटे-छोटे कारोबार पर लोन देता है. दोस्तों माइक्रो लोन 5000 से लेकर 150000 तक पहुंच चुका है.

तो चलिए आपको बताते हैं कि माइक्रोफाइनांस के नियम क्या होते हैं और यह किसे दिया जाता है.

Financing Through Joint Liability Group (JLP) Lending.

माइक्रोफाइनांस लोन एक जॉइंट ग्रुप को ही दिया जाता है. इसका मतलब होता है जैसे कि बहुत से लोग इकट्ठे मिलकर कुछ काम करते हैं और इस ग्रुप में महिलाएं भी शामिल हो सकती हैं तो उन सभी को लोन दिया जाता है. और इस समूह को लोन इसलिए दिया जाता है. क्योंकि इन सभी की गारंटी इस लोन को बरने के लिए लिए होती है. इसमें अगर कोई व्यक्ति या महिला लोन नहीं भर पाता. तो बाकी समूह के व्यक्ति उस लोन को चुकाते हैं. इसी कारण इसे ज्वाइंट लायबिलिटी का नाम दिया गया है.

Loan Available for Low Income Group.

बहुत से व्यक्तियों की इनकम बहुत कम है. और उन व्यक्तियों को यह लोन दिया जाता है. ताकि वह अपनी इनकम को दोगुना कर सकें. जिससे के कारण वह अपने परिवार का पालन पोषण अच्छे से कर सकें. और देश की तरक्की में अपना योगदान भी डाल सकें.

Micro Loan Funding Available From 5000/- To 100000/-.

माइक्रोफाइनांस 5000 से शुरू होकर 100000 तक जाता है. और यह भी जॉइंट लवली ग्रुप में ही दिया जाता है.

Loan Amount Decided Based On The Activity Level Of The Borrower.

दोस्तों यह लोन जिस व्यक्ति को दिया जाता है. सबसे पहले उसके कामकाज को चेक किया जाता है. कि आखिर वह क्या काम करता है. किस काम के लिए वह लोन लेना चाहता है. क्या वह इस लोन से अपना व्यापार शुरू करेगा. जिसके लिए चेक करने के लिए कंपनी कर्मचारियों को उसके घर पर भेजा जाता है. ताजो कंपनी द्वारा दिए गए इस लोन का गलत इस्तेमाल ना हो सके. क्योंकि कई बार लोग ऐसा लोन अपना कर्जा खत्म करने के लिए, बच्चों की शादी के लिए, बच्चों की पढ़ाई के लिए, ले लेते हैं.

Duration of Loan Tenure Range From 12 to 24 Months.

यह लोन जब दिया जाता है, तो उसके बाद इसकी पेमेंट करने के लिए आपको 12 से लेकर 24 महीने का समय दिया जाता है. लेकिन अब के समय में लोन वापस करने की अवधि को 36 महीने तक भी बढ़ा दिया गया है. जिससे लोन लेने वाला व्यक्ति आसानी से अपनी किस्त जमा कर सकें.

Financing Available Without Collateral Security.

इस लोन को लेने के लिए आपको कोई भी रोटी देने की जरूरत नहीं पड़ती. जैसे कि आपको इस लोन के लिए घर के पेपर या जमीन के पेपर गिरवी नहीं रखने पड़ते हैं. जिसके कारण सबसे आसानी से हमें यह लोन मिल जाता है.

Easy Monthly Repayment Schedule.

इस लोन को लेने के बाद आपको मंथली पेमेंट देना पड़ता है. जो कि किस्त के रूप में वापस कंपनी को किया जाता है. और इस अमाउंट को काफी छोटा रखा जाता है.

Educing Interest Rate of 22% to 26% with Fixed Processing fee of 1%.

यह लोग ज्यादातर 26 परसेंट से कम ब्याज दर से दिया जाता है. और यह व्याज लोन धारक को उसके प्रिंसिपल अमाउंट के ऊपर लगता है. वह व्यक्ति जैसे-जैसे इस लोन की किस्त भरता जाता है. वैसे वैसे उसका ब्याज कम होता जाता है. लेकिन इसके साथ लोन के समय 1% फिक्स कमीशन फीस जरूर ली जाती है.

Micro Financing For Income Generation Purpose (IGP)

यह लोन उस व्यक्ति या महिला को दिया जाता है. जो इन पैसों का इस्तेमाल करके अपने व्यापार को आगे बढ़ाएं और इस व्यापार से और भी ज्यादा पैसे बना सके.

दोस्तों माइक्रोफाइनेंस कंपनी हमारे देश में बहुत ही अच्छा काम कर रही हैं. जिसके कारण हमारे देश की तरक्की में योगदान हो रहा है. जिसके कारण हमारे देश में गांव के क्षेत्रों में बेरोजगारी कम हो रही है. माइक्रोफाइनांस हर गांव में फैल चुका है. जिसे कारण आज बहुत से लोग शिक्षित भी हो चुके हैं. और लोगों को यह जानकारी हो गई है, कि माइक्रोफाइनांस क्या होता है. और लोगों को पैसा चुकाने से क्या लाभ मिलता है. और जो लोग अपने काम को बढ़ाना चाहते हैं. वह माइक्रोफाइनेंस लोन लेकर अपने काम को आसानी से आगे बढ़ा सकते हैं.

तो दोस्तों उम्मीद करते हैं. आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी. धन्यवाद

About Raveena234

Avatar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *