मर जाना लेकिन शिवरात्रि के दिन मत करना ये काम | Shivratri 2021 Date

Shivratri 2021 Date

मर जाना लेकिन शिवरात्रि के दिन मत करना ये काम

दोस्तों महाशिवरात्रि पर गलती से भी ऐसे व्रत कभी मत रखना और ना ही महाशिवरात्रि पर यह गलती करना नहीं तो सारी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी. भोलेनाथ हमेशा हमेशा के लिए रुष्ट हो सकते हैं. यह गलती नजरअंदाज ना करें. दोस्तों महाशिवरात्रि किसी भी शुभ मुहूर्त में पड़े लेकिन आप यह गलती कभी मत करना. महाशिवरात्रि के दिन खासतौर से व्रत रखते समय इस बात का ध्यान आपको होना चाहिए. शिवरात्रि के दिन यह गलती करना आपको भारी पड़ सकता है. आपको बता दें इस बार महाशिवरात्रि 11 March 2021 को मनाया जाएगा. इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा शुभ काल के दौरान ही करना चाहिए.
तो चलिए हम यह जानते हैं. शिवरात्रि पर क्या गलतियां नहीं करना चाहिए जिससे शिवजी क्रोधित ना हो तो चलिए जानते हैं.

शिवरात्रि के दिन क्या करें.

दोस्तों महाशिवरात्रि के दिन व्रत करें और सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहने शुभ काल में मंदिर जाकर महादेव को जल और दूध चढ़ाएं. इस दिन शिव जी का ध्यान कर ओम नमः शिवाय का जाप अवश्य करें. इस दिन आप को भोजन ग्रहण नहीं करना है. इसलिए अगर आपने व्रत किया है तो सिर्फ फल खाकर ही व्रत पूरा करें और हो सके तो पूरा दिन फल खाएं. और दूसरा दिन व्रत छोड़ें. अगर आप से नहीं हो पा रहा तो आप एक समय में भोजन कर सकते हैं. दोस्तों सच्चे दिल से इस नियम को मारने वाला व्यक्ति को बहुत प्रिय होता है.

महाशिवरात्रि के अवसर पर आपको क्या गलती नहीं करना चाहिए.

स्त्री का अपमान.

शिव जी और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप के बारे में हम सभी जानते हैं. उनकी पूजा और आराधना भी करते हैं. किंतु फिर भी अर्धनारीश्वर का महत्व कुछ मनुष्य समझ नहीं पाते हैं. और स्त्रियों का अपमान या उनके साथ गलत बर्ताव करते हैं. अगर आप चाहते हैं कि सच में शिव जी आप पर प्रसन्न हो तो महाशिवरात्रि के दिन भूल से भी किसी नारी का अपमान ना करें. चाहे वह आपकी माता हो, बहन हो, पत्नी हो या बेटी हो या अन्य कोई भी स्त्री हो किसी भी स्त्री के बारे में अपशब्द ना कहें दूसरी बात है.

पशु हत्या.

शिवजी का एक स्वरूप पशुपतिनाथ है. जिसका अर्थ है कि शिवजी समस्त संसार के पशुओं के स्वामी है. उनके पालनहार है. शिवजी के लिए सभी पशु एक समान है. अगर महाशिवरात्रि महोत्सव पर किसी भी पशु के प्रण लेते हैं. या उन्हें सताते हैं. तो यह महापाप से कम नहीं है. माना जाता है कि जो मनुष्य बेजुबान जानवरों पर अत्याचार करते हैं. उन्हें शिवजी के क्रोध का ही सामना करना पड़ता है. और शिव जी ऐसे लोगों को भयंकर दंड देते हैं.

देर तक सोना.

महाशिवरात्रि का अर्थ होता है शिव जी के भक्तों की रात्रि. इस दिन यदि कोई भक्त पूरी रात्रि में जागकर शिव जी के भक्ति भजन में लीन रहता है. और प्रातकाल स्नान आदि से युक्त होकर शिवजी की आराधना करता है. तो उसे पुण्य की प्राप्ति अवश्य होती है. किंतु यदि आप महाशिवरात्रि के दिन देर तक सोते रहते हैं. तो आपका भाग्य भी आपकी तरह सोता रह जाएगा. तो कृपया यह गलती आप ना करें. महाशिवरात्रि की पुण्यतिथि का लाभ अवश्य लें और शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त करें.

पैसे का लोभ.

अगर आप सोच रहे हैं कि आप शिवजी को माणिक मोती जवाहरात और धन से प्रसन्न कर सकते हैं. तो आप बिल्कुल गलत है. शिव जी बैरागी, महायोगी, तपस्वी, और कैलाश पति है. उन्हें संसार की चीजों से किसी भी प्रकार का कोई मोह नहीं है. किंतु जो मनुष्य लालच करते हैं. दूसरों के साथ धोखेबाजी करके धन कमाते हैं. उन्हें शिवजी कभी क्षमा नहीं करते. आपके धनवान होने से यह बहुत सारा काला धन कमाकर आप शिवजी पर बड़े-बड़े रत्न या पैसा चढ़ाते हैं. इससे शिव जी बिल्कुल भी प्रसन्न नहीं होते हैं. बल्कि आपकी मेहनत की कमाई से किसी जरूरतमंद को ₹1 भी प्रदान करते हैं. तो उससे शिव जी प्रसन्न हो जाते हैं,

प्रेम प्रसंग.

महाशिवरात्रि एक पवित्र त्यौहार और एक पवित्र रात्रि है. इस दिन केवल मां पार्वती और भगवान शिव के नाम का जाप करना चाहिए. इस दिन भूल से भी किसी भी प्रकार का अपवित्र कार्य न करें. पति पत्नी को इस रात्रि में प्रेम प्रसंग नहीं बनाना चाहिए. ऐसा करने से महाशिवरात्रि के व्रत का फल प्राप्त नहीं होता है. इसलिए पति पत्नी भूल से भी महाशिवरात्रि की रात्रि में प्रेम प्रसंग ना बनाएं.

गुरु का अपमान.

संसार के सबसे पहले गुरु शिव जी स्वयं है. उन्हीं से सारी सृष्टि को ज्ञान संगीत नृत्य कला और विज्ञान प्राप्त हुआ है. इसलिए वह समस्त संसार के गुरु है. महाशिवरात्रि के दिन अपने गुरु का भूल से भी अपमान ना करें. नहीं तो शिवजी आपसे रुष्ट हो जाएंगे.

तो दोस्तों यह थे वह कार्य जो महाशिवरात्रि के दिन आपको नहीं करने चाहिए. अगर आप भी भगवान शिव के सच्चे मन वाले भक्त है. तो अभी हमें कमेंट में हर हर महादेव अवश्य लिखें.

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